
सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के संभल जिले की शाही जामा मस्जिद पर निचली अदालत द्वारा आदेशित सर्वे को रोकने की मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत के आदेश में कोई खामी नहीं है और सर्वे प्रक्रिया जारी रह सकती है।
यह मामला हिंदू पक्ष द्वारा किए गए उस दावे से जुड़ा है जिसमें कहा गया कि यह मस्जिद एक पुराने हरिहर मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी, जो भगवान कल्कि को समर्पित था। यह मंदिर 1526 से पहले मौजूद था और उसके बाद मस्जिद का निर्माण हुआ।
मस्जिद प्रबंधन समिति ने जिला अदालत में चल रहे मामले पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इससे पहले मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट भी गया था, जहाँ से उन्हें हाईकोर्ट का रुख करने को कहा गया।
हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता गोपाल शर्मा ने बताया कि 19 नवंबर 2024 को यह याचिका दाखिल की गई थी, जिसके बाद अदालत ने सर्वे का आदेश दिया था। यह सर्वे दो चरणों में पूरा किया गया।